Ayodhya Deepotsav 2026: रामनगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को भव्य और यादगार बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार दीपोत्सव में श्रद्धालुओं को आसमान में रामायण के प्रसंगों का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। 2100 मेड इन इंडिया ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की विभिन्न मुद्राओं के साथ राम-रावण युद्ध का दृश्य प्रस्तुत करेंगे। करीब 10 मिनट तक चलने वाले इस शो में लेजर लाइट, वॉयस ओवर और संगीतमय प्रस्तुति भी शामिल होगी।वहीं, सरयू नदी के पुराने पुल पर 600 फीट की ऊंचाई तक ग्रीन एरियल फायर क्रैकर्स शो आयोजित किया जाएगा। इस बार 33 लाख दीपों के प्रज्ज्वलन के साथ अयोध्या का दीपोत्सव तकनीक, संस्कृति और आध्यात्मिकता के भव्य संगम के रूप में नजर आएगा। 2100 ड्रोन से आसमान में दिखेगी रामायण उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित दसवें दीपोत्सव में इस बार ड्रोन शो को पहले से अधिक व्यापक बनाया गया है। वर्ष 2024 में 500 ड्रोन और 2025 में 1100 ड्रोन के जरिए आसमान में आकर्षक आकृतियां बनाई गई थीं। इस बार इनकी संख्या बढ़ाकर 2100 कर दी गई है। ड्रोन के माध्यम से रामायण के पौराणिक प्रसंगों को कलात्मक अंदाज में प्रदर्शित किया जाएगा। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की धनुर्धारी मुद्राओं के साथ राम-रावण युद्ध का दृश्य भी आसमान में उकेरा जाएगा। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बृजपाल सिंह के मुताबिक, सरयू नदी के पुराने पुल पर लगभग 15 मिनट का ग्रीन एरियल फायर क्रैकर्स शो भी होगा। इसमें पर्यावरण अनुकूल आतिशबाजी मुख्य आकर्षण रहेगी। 600 फीट की ऊंचाई तक पहुंचेगी आतिशबाजी दीपोत्सव के दौरान राम की पैड़ी पर संगीत की धुनों के साथ विशेष आतिशबाजी की जाएगी। इसकी ऊंचाई करीब 600 फीट तक होगी, जिसे सरयू नदी के दूसरे किनारे से भी देखा जा सकेगा। इसके अलावा राम की पैड़ी नहर के ऊपर डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। यहां होलोग्राफिक लेजर शो के जरिए रामायण के सातों कांड के प्रमुख प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा। पानी के ऊपर बनाए जाने वाले सांस्कृतिक मंच पर कलाकारों की प्रस्तुतियां भी होंगी। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण बड़ी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा। रामपथ पर कलाकारों के लिए बनेंगे विशेष मंच दीपोत्सव में लोक संस्कृति और परंपराओं को भी प्रमुखता दी जाएगी। रामपथ पर विभिन्न सांस्कृतिक दल लोकगीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से देश की विविध लोककलाओं की झलक पेश करेंगे। अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के समन्वयक आशुतोष द्विवेदी के अनुसार, इस बार कलाकारों के मंच सड़क किनारे बनाने के बजाय ऐसे स्थानों पर तैयार किए जाएंगे, जहां दर्शकों के बैठने और खड़े होने के लिए पर्याप्त जगह हो। इससे सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने आने वाले लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। राम मंदिर में जलेंगे गोबर और मिट्टी से बने दीये इस दीपोत्सव पर श्रीराम मंदिर में पर्यावरण अनुकूल गोबर के दीये भी जलाए जाएंगे। झारखंड की चाकुलिया गौशाला में गोबर और मिट्टी से इन दीयों को तैयार किया जा रहा है। गौशाला में इस साल कुल 50 हजार दीये बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से पांच हजार दीये दीपावली के अवसर पर अयोध्या भेजे जाएंगे। दीये बनाने का काम तेजी से जारी है। इस तरह दीपोत्सव-2026 में 33 लाख दीपों की रोशनी, 2100 ड्रोन का शानदार प्रदर्शन, होलोग्राफिक लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी अयोध्या के उत्सव को खास बनाने जा रहे हैं। इस बार रामनगरी में परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। ये भी पढ़ें: KGMU में धर्मांतरण के आरोपों की STF जांच में कई डॉक्टरों-कर्मियों के नाम, विभागीय कार्रवाई की तैयारी